मंगलवार, 30 अप्रैल 2013


कुण्डलिया छंद
रंगमंच
दुनिया दिखती , रंगमंच ,    नाटक करते पात्र !
अलग अलग अभिनय यहाँ , सीख रहे है छात्र !!
सीख रहे है छात्र  , सभी     रिश्तों को निभाना !
लुका छिपी का खेल  ,       बुन रहे तान बाना  !!
किससे कितना काम , जानती  चुनिया मुनिया !
मतलब की हर बात ,   समझती सारी दुनिया !!

*******अनंत चैतन्य - लखनऊ ********

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