शनिवार, 7 अगस्त 2010

एक यक्ष प्रश्न - कौन हूँ मै ?

श्री सदगुरुवे नमः



सदगुरु श्रद्धेय श्री कुणाल कृष्ण
    ( सम्बुद्ध रहस्यदर्शी एवम संस्थापक अनंत पथ )

कौन हूँ मै  ?


( मेरे मन की पीड़ा एक कविता के रूप में )



एक यक्ष प्रश्न
बार बार उठता है,
मेरे अचेतन से
कौन हूँ मै ?
आया यहाँ
काम क्या था ?
खोज रहा हूँ उत्तर
अपने अंतरतम में !

दिन रात बीत रहा
काल चक्र घूम रहा
पल पल हो रहा व्यथित
अनंत पथ का यह पथिक
स्वयं को खोज सकू

तन न रहे
मन न रहे
मेरे में " मै " न रहे
सुगंध बन जाए मलय
बूँद सागर में गिर के !
शून्य में विलीन होकर
असीम अद्वैत में !!



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 सदगुरु देव के चरणों में समर्पित एक पुष्पांजलि

अनंत पथ का एक पथिक



स्वामी अनंत चैतन्य
लखनऊ

4 टिप्‍पणियां:

  1. yahi jewan ka mool prashn hai.uttar dhoondhne me puri jingagi beet jati hai. yadi guru kripa ho uttar pratyaksh hai. samne hi to lakshy hai. a very good article. Thanks.

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  2. आदरणीय तिवारी साहेब,
    प्रणाम
    बहुत अच्छी लगी आप की टिपण्णी ..गुरु कृपा और आप स्नेही जानो का प्रेम मिला तो शायद यह उत्तर मिल भी जाए !
    बहुत बहुत धन्यवाद दिशा दर्शन का

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