शुक्रवार, 27 अगस्त 2010

श्री राम जन्म स्तुति


श्री राम जन्म स्तुति


भये प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी
हर्षित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी





लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी
भूषन बनमाला नयन बिसाला शोभासिंधु खरारी




 


कह दुई कर जोरी अस्तुति तोरी केही बिधि करों अनंता
माया गुण ग्यानातीत अमाना बेद पुरान भनंता



करुना सुख सागर सब गुण आगर जेहि गावहि श्रुति संता
सो मम हित लागी जन अनुरागी भयउ प्रगट श्री कांता





भ्रह्मांड निकाया निर्मित माया रोम रोम प्रति बेद कहै
मम उर सो बासी यह उपहासी सुनत धीर मति थिर न रहै




उपजा जब ज्ञाना प्रभु मुसुकाना चरित बहुत बिधि कीन्ह चहैं
कहि कथा सुहाई मातु बुझाई जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै





माता पुनि बोली सो मति डोली तजहु तात यह रूपा
कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला यह सुख परम अनूपा


सुनी बचन सुजाना रोदन ठाना होई बालक सुरभूपा
यह चरित जे गावहि हरिपद पावहि ते न परहि भव कूपा



दोहा

बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार !
निज इक्षा निर्मित       तनु माया गुन गो पार !!

बाल काण्ड – दोहा 192



अनन्त पथ का पथिक
स्वामी अनन्त चैतन्य
लखनऊ

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