शुक्रवार, 4 मार्च 2011

किसी अँधेरे चौराहे पर धर देना गुरुवर ......

            
               ( सदगुरु श्री कुणाल कृष्ण जी )

       मेरे प्यारे सदगुरु , जिन्होंने मुझे नयी दिशा और दशा दी




 
जीवन पथ की कठिन  पहेली मै सुलझा न सका था ,
कभी भी कोई रस्ता मुझको सीधा नहीं मिला था  !
कुछ क्षण को यह लगने  लगा था .. मंजिल दूर नहीं ,
पर अगले पल , मोड़ ने मुझको पीछे घुमा दिया !!



बस,  इसी अबूझ पहेली को सुलझा ही रहा  था मै,
बूझ  बूझ कर बुझने वाला दिया हुवा था मद्ध्ध्म !
तभी  मेरे सदगुरु  ने मुझमे  ,भरा दिया  अलौकिक तेल,
शुद्ध कर दिया, दिया की बाती ज्योति हुयी उज्जवल !! 


दिव्य सुगंध  प्रकाश युक्त मै , जलता हूँ  हरदम
बस क्रम यू ही चलता रहे , प्रकाशित रहूँ   प्रतिपल  !
किसी अँधेरे चौराहे पर धर देना गुरुवर ,
भले मेरा तन मन जल जाए, राह करूं औरों का सुगम  !!

 स्वामी अनंत चैतन्य ,
अनंत पथ का पथिक
लखनऊ


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